शनिवार, 26 मई, 2007

shanti

दुनिया आज भी तीन हिस्सों में बंटी हुई है। एक हिस्सा वह है जो शांति से जीना चाहता है और दूसरो को शांति से जीते हुये देखना चाहता है . दूसरा हिस्सा वह है जो अपने लिए तो शांति चाहता है किन्तु दूसरो के लिए नहीं। तीसरा हिस्सा वह है जो ना स्वयम शांति से जीना चाहता है और ना दूसरो को शांति से जीते हुये देखना चाहता है। स्वाभाविक भी है तीनों रोटियों के स्वाद भी अलग ही होने थे।

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