गुरुवार, 24 मई, 2007

तीन हिस्से

ईश्वर ने तीन रोटियां सेकीं। दुनिया तीन हिस्सों में बंट गयी। आदमी ने धरती ही नहीं बांटी आकाश भी बाँट लिया। एक हिस्से ने अपने झंडे में सूरज सजा लिया। दूसरे ने तारों को अपना लिया। तीसरे हिस्से ने चांद को झंडे पर जगह दी। आप क्या सोचते हैं?

0 टिप्पणियाँ: